कांजी पीने के जादुई फायदे – जो आपको हैरान कर देंगे
कांजी एक विशेष प्रकार का प्रोबॉयोटिन डिटॉक्स ड्रिंक है जो हमारे पाचन को सुधरता है, साथ ही इम्युनिटी को मजबूत और वजन घटाने में मदद करता हैं | कांजी जिसे गाजर – चुकंदर को पानी में डालकर खमीर उठाकर बनाया जाता है, इसमें एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा पायी जाती है, और शरीर को ठंडक देता हैं यह पीने में थोड़ा खट्टा होता है. इसे पीने से पेट का हाजमा सही रहता है |
यह भारत के हर घर में वर्षों से कांजी पिया जा रहा है कांजी यह सिर्फ ड्रिंक ही नहीं ब्लकि भारतीय परम्पराओं से जादुई नुस्खा चला आ रहा है, सर्दियों का मौसम आते ही हर घर में कांजी बनाना शुरू हो जाता है. चुकंदर व गाजर को काटकर काली पीली राई थोड़ा हींग काला नमक मसालो के साथ किसी कांच के जार में पानी चुकंदर – गाजर और सभी मसालों को मिलकर जार को बंद करके धूप में दो दिन के लिए इसे फरमेन्ट होने के लिए छोड़ देंगे फरमेन्ट होने के बाद आप इसे खाली पेट या खाना खाने के बाद भी पी सकते हैं |
कांजी कब पीना चाहिए ?
• कांजी को सुबह खाली पेट या खाना खाने के बाद भी पी सकते हैं |
• कांजी को आप हर मौसम में पी सकते है, चाहें गर्मी हो या सर्दी इसे सभी मौसमों में पिया जा सकता हैं |
• इसे आप रोजाना (200 – 250 ml) ले सकते हैं |
कांजी को कब नहीं पीना चाहिए ?
• कांजी गर्भवती महिला को नहीं पीना चाहिए |
• यदि आपको सर्दी – जुकाम व खासी है तो इसका सेवन न करें
कांजी पीने के क्या – क्या फायदे हैं ?
• पाचन में सुधार
कांजी में प्रोबायोटिक होने के कारण पेट व हाजमा में सुधार लाता है, कब्ज जैसी समस्या को दूर करता हैं और भोजन को पचाने में मदद करता हैं|
• इम्युनिटी स्ट्रांग करना
कांजी में विटामिन स और एंटीऑक्सीडेंट की भरपूर मात्रा होने के कारण सर्दी व जुकाम के संक्रमण से लड़ने में मदद करता हैं
• डिटॉक्स करना
यह आपके शरीर को डिटॉक्स करता हैं, लीवर और आंतो से विषैले पदार्थ को बाहर निकलकर साफ करता हैं |
